चेतावनी- यह पोस्ट पढ़कर वक्त बर्बाद न करें..!



हुर्रे……….
याहू…. ढेन….टे….नान…
हुर्र…ल्क..ल्क..ल्क..
किड़्बिक..किड़्बिक…..किड़्बिक……

हुर्रे……….
याहू…. ढेन….टे….नान…
हुर्र…ल्क..ल्क..ल्क..
किड़्बिक..किड़्बिक…..किड़्बिक……

हुर्रे……….
याहू…. ढेन….टे….नान…
हुर्र…ल्क..ल्क..ल्क..
किड़्बिक..किड़्बिक…..किड़्बिक……


श्श्श्शशशशशशशशशश…….. आज कुछ है! आज तो बिलागिंग न करो!
18 Responses
  1. हमने न पढ़ी, न ही वक्त बर्बाद किया
    मौका था, किसी दिल को आबाद किया.


  2. बिलकुल नहीं पढ़ा. स्क्रोल डाउन करके सीधा टिप्पणी डब्बे में रुके.


  3. वाह मिसिर जी,
    आखिर घसीटे लिये ना आप अपने जाल मां.

    पढ भी लिये तो बढिया है, टिप्पणी तो अब करे का पडी.



  4. वा भाई...तू करो बलागिंग तो ठीक और हम ना करी...ठीक..!


  5. आज जो कुछ है, उसमें ब्लॉगिंग का नया ट्रेंड निकाला है आपने ।
    मजेदार ।


  6. झिंगालाला हुर्र
    उड गई चिडिया फुर्र
    पोस्ट पढा तो पढा
    दिमाग का हो गया चुर्र
    झिंगालाला हुर्र.....झिंगालाला हुर्र :)


  7. स र र र र र र र र र र र र्
    कड़बक कड़बक
    ताक कमाकम
    ताक कम
    कमा कर ताक
    कम ताक
    ताक कर कमा
    कमा नहीं जमा
    ?
    जो जमे वो जमा
    हुर्र र्र र्र पट्ट
    ..सुबह शाम ढल
    पतली गली निकल
    कल फिर कमाकम
    आज तो ताक ले कम-
    अरे कम से कम।
    _____________

    आप के विचारों पर मेरी यह वैचारिक प्रतिक्रिया है। आशा है सुखद रही होगी।


  8. तब का करो -बच्चे हो या बचे हो ?
    कुछ मामला तो है तभी यी टिंग टांग वाला गाना गुनगुना रहे हो


  9. अरे वाह, आज तो बदले-बदले हुजूर नजर आते हैं - डर गये क्या पिंक .... से?



  10. Anonymous Says:

    ha ha ...........yaarr maja aa gaya ....lag raha hai ki bade jindadil insan ho tum


  11. चलिए इस कूट - कविता का मजा
    हम भी ले लिए ..................
    आभार - कूटेश्वर ! [ :) ]


  12. पहले टिपण्णी समभाल ले, बाद मै पढेगे आप की यह पोस्ट


  13. मैं शाम वाली पोस्त पढ़ने के बाद इस सुबह वाली को पढ़ने आया हूँ। यहाँ ज्यादा मजा आया। खासकर गिरिजेश जी की टिप्पणी में दिए जवाब से। :) मस्त रहो एंवेई... :)


  14. सिद्धार्थ जी की तरह मैं भी शाम की पोस्ट पढ़ कर इधर आई और लगा यहाँ कुछ ज्यादा आसान बात कही गई थी। अब हमें आप खलिहर समझें या मंद बुद्धि ये विकल्प चुनना आप के अधिकार क्षेत्र में आता है। :)


  15. PD Says:

    का रे बाबू, कबिता लिखिस है कि हुमच के दिहिस है, कुच्छो बुझाते नहीं है.. फगुनवा का खुमार चढ़ गया लगता है बालक को.. वईसे शाम बला पोस्ट से बला का पोस्ट त इधरे पड़ा है.. :)


  16. Dont Mind Says:

    lagal raha jaye misir ji aaj jon ee 'kuch' ahye ee bahut kuch ahye. Enjoy kijiye


मेरे विचारों पर आपकी वैचारिक प्रतिक्रिया सुखद होगी.........

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